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जीवनी: डॉ ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी

आज हम अब्दुल कलाम के बारे में जानकारी एकत्रित करेंगे।

यह एक ऐसे मुसलमान व्यक्ति हैं जिनसे शायद किसी भी हिन्दू व्यक्ति ने ना कभी नफरत की होगी और ना कभी करेगा, जी हाँ मैं भारत के रामेश्वरम में जन्म लिए डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी को इस लेख में माध्यम से आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ।

अब्दुल कलाम ने अपने जीवन में एक से बढ़ के एक कार्य किए हैं जिसके बारे में हम आज तक पढ़ते आए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं दोस्तों, जैसा कि आप भी जानते हैं कि बहुत ही कम व्यक्ति दुनिया को छोड़ने से पहले नाम कमा लेते हैं, और उन्होंने भी खुद को Missile Man of India कहलवाया।

लेख को शुरू करने से पहले मैं आपके साथ एक बात शेयर करना चाहता हूँ जो कि मैंने कहीं पढ़ा था, पढ़ा कहा था यह मुझे याद नहीं है परंतु पढ़ा क्या था यह बेहद ही अच्छी तरह से याद है:-

शक्ल और सूरत के अनुसार अब्दुल कुछ खास नहीं थे, परंतु पढ़ाई में शुरू से ही वो काफी होशियार थे। जिस कारण से एक सुंदर लड़की ने उनसे शादी का प्रस्ताव भी उनके सामने रखा था, अब्दुल जी ने उस लड़की से पूछा था कि इसके पीछे का मुख्य कारण क्या है, आखिर तुम मुझसे शादी क्यों करना चाहती हो?

इस बात पर उस लड़की ने उनसे कहा – “यदि आपका और मेरा बच्चा मेरी ही तरह सुंदर और आपकी ही तरह होशियार हो जाए तो आपको नहीं लगता यह वाकई में बहुत ही बेहतर होगा?

अब्दुल जी ने बात काटते हुए कहा तुमने यह तो सोच लिया, लेकिन क्या तुमने कभी यह सोचा कि इसका विपरीत भी हो सकता – बच्चा रूप में मेरी तरह और दिमागी तौर से तुम्हारी तरह मूर्ख हो?

इतना सुनते ही उस लड़की ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया था, और तभी अब्दुल जी ने भी यह ठान लिया था कि वो अपने जीवन में कभी भी विवाह नहीं करेंगे और यही कारण था कि वो जीवन भर कुंवारे रह गए थे।

जब भी मैंने इनकी जीवनी पढ़ी हमेशा मैंने पाया कि उनको बच्चों से बहुत लगाव था, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी को था और नरेंद्र मोदी जी को है। शायद यही कारण था कि वो हमेशा अपना खाली समय युवा पीढ़ी से या बच्चों से बात कर के बिताया करते थे।

आपको बता दें कि केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 9 फरवरी, 2020 को नई दिल्ली में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की बायोपिक का फर्स्ट लुक जारी किया था। फिल्म का शीर्षक एपीजे अब्दुल कलाम, द मिसाइल मैन है। यह हॉलीवुड और तेलुगु फिल्म उद्योग के बीच एक संयुक्त उद्यम है और 2020 के अंत तक रिलीज होगा।

अब हम विख्यात में अब्दुल कलाम का जीवन परिचय को पढ़ते हैं, लेकिन इससे पहले मैं आपको बता देना चाहता हूँ कि यदि आपको इस लेख के माध्यम से कुछ अच्छी जानकारी प्राप्त होती है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर भी कर सकते है।


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डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी

नामए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम मसऊदी
जन्म15 अक्टूबर 1931
जन्मस्थान
रामेश्वरम, रमानाथपुरम जिला, ब्रिटिश राज (मौजूदा तमिलनाडु, भारत)
मृत्यु27 जुलाई 2015 (उम्र 83)
मृत्युस्थानशिलोंग, मेघालय, भारत
पदभारत के 11वें राष्ट्रपति
विद्या अर्जन
सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
पेशाप्रोफेसर, लेखक, वैज्ञानिक एयरोस्पेस इंजीनियर
धर्मइस्लाम
राष्ट्रीयताभारतीय
पिताजैनुलाब्दीन जी
माताआशियम्मा जी
कार्यभार ग्रहण25 July 2002 – 25 July 2007

APJ Abdul Kalam Biography in Hindi

पारिवारिक इतिहास और प्रारंभिक जीवन:

एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकीर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम थे, इनका जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को रामेश्वरम में एक तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था, जो कि ब्रिटिश भारत में मद्रास प्रेसीडेंसी में और अब तमिलनाडु में स्थित है। उनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था, जो एक नाव के मालिक थे और एक स्थानीय मस्जिद के इमाम थे। उनकी माता का नाम आशियम्मा था, जो एक गृहिणी थीं।

अब्दुल कलाम पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे, सबसे बड़ी एक बहन थी, जिसका नाम आसिम ज़ोहरा और तीन बड़े भाई, अर्थात् मोहम्मद मुथु मीरा लेबाई माराइकयार, मुस्तफा कलाम और कासिम मोहम्मद थे, वह अपने परिवार के करीब थे और हमेशा उनकी मदद करते थे, हालांकि यह मैं आपको पहले ही बता चुका हूँ कि वह पूरी जिंदगी कुंवारे रहे।

अपने स्कूल के दिनों में कलाम के पास औसत ग्रेड थे, उन्हे एक उज्ज्वल और मेहनती छात्र के रूप में वर्णित किया गया था, जिसे सीखने की तीव्र इच्छा थी। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि गणित में उनकी मुख्य रुचि थी।

उन्होंने श्वार्ट्ज हायर सेकेंडरी स्कूल, रामनाथपुरम से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी और बाद में वे सेंट जोसेफ कॉलेज चले गए जहाँ वे भौतिकी स्नातक बन गए। उसके उपरांत 1955 में, वे मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का अध्ययन करने के लिए मद्रास गए।

अपने स्नातक के तीसरे वर्ष के दौरान, उन्हें कुछ अन्य छात्रों के साथ मिलकर एक निम्न-स्तर के हमले के विमान को डिजाइन करने के लिए एक परियोजना सौंपी गई थी जिसे दिये गए समय सीमा के अंदर ही पूरा करना था।

यह बहुत मुश्किल था, पर नामुमकिन नहीं था कलाम ने अपार दबाव के तहत कड़ी मेहनत की और अंत में निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना प्रोजेक्ट पूरा किया। कलाम के शिक्षक उनके समर्पण से प्रभावित थे और परिणामस्वरूप कलाम एक फाइटर पायलट बनना चाहते हैं लेकिन उन्हें क्वालीफायर सूची में 9 वां स्थान मिला है और भारतीय वायुसेना में केवल आठ स्थान ही उपलब्ध है।

डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम पर निबंध हिंदी में: शिक्षा और करियर

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने 1957 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अपना स्नातक पूरा किया था और 1958 में एक वैज्ञानिक के रूप में वे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान में शामिल हुए थे।

1960 के दशक की शुरुआत में, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) के साथ प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के अधीन काम किया। उसके बाद उन्होंने DRDO में एक छोटा होवरक्राफ्ट डिजाइन करके अपने करियर की शुरुआत की थी।

वह डीआरडीओ में अपने काम से बहुत संतुष्ट नहीं थे और जब उन्हें 1969 में इसरो (ISRO) को स्थानांतरण आदेश मिले तो वे खुश हो गए।

वहां उन्होंने SLV-III के परियोजना निदेशक के रूप में कार्य किया, जिसने जुलाई 1980 में रोहिणी उपग्रह को निकट-पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक तैनात किया। वाकई भारत के लिए यह बहुत ही बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि यह भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित उपग्रह प्रक्षेपण यान था।

कलाम ने 1969 में सरकार की स्वीकृति प्राप्त की और अधिक इंजीनियरों को शामिल करने के लिए कार्यक्रम का विस्तार किया।

1970 के दशक में, उन्होंने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) को विकसित करने के उद्देश्य से एक प्रयास किया था ताकि भारत अपने भारतीय रिमोट सेंसिंग (IRS) उपग्रह को Sun-Synchronous कक्षा में लॉन्च कर सके, PSLV परियोजना सफल रही और 20 सितंबर 1993 को, यह पहली बार लॉंच किया गया था।

दोस्तों, क्या आपको ज्ञात है कि राजा रामन्ना ने अब्दुल कलाम को टीबीआरएल के प्रतिनिधि के रूप में देश के पहले परमाणु परीक्षण स्माइलिंग बुद्धा को देखने के लिए आमंत्रित किया, भले ही उन्होंने इसके विकास में भाग नहीं लिया था।

दुनिया आज चार रैपिड कनेक्टिविटी के माध्यम से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। वे पर्यावरण, लोग, अर्थव्यवस्था और विचार हैं और यह संभव भी हो पाया सिर्फ और सिर्फ अब्दुल कलाम की वजह से।

अब्दुल कलाम के नेतृत्व में, IGMDP की परियोजना 1988 में पहली पृथ्वी मिसाइल और फिर 1989 में अग्नि मिसाइल जैसी मिसाइलों का उत्पादन करके सफल साबित हुई। उनके योगदान के कारण उन्हें “भारत के मिसाइल मैन” के रूप में जाना जाता था।

1992 में, उन्हें रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। कैबिनेट मंत्री के पद के साथ 1999 में, उन्हें भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया।

अब्दुल कलाम ने मई 1998 में पांच परमाणु बम परीक्षण विस्फोटों की एक श्रृंखला पोखरण 2 का संचालन करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी। इन परीक्षणों की सफलता के साथ उन्हें राष्ट्रीय नायक का दर्जा मिला और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को पूर्ण घोषित किया –फिल्ड न्यूक्लियर स्टेट

इतना नहीं, ए.पी.जे. 1998 में अब्दुल कलाम ने भारत को वर्ष 2020 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए टेक्नोलॉजी विजन 2020 नामक एक देशव्यापी योजना का प्रस्ताव रखा और परमाणु सशक्तिकरण, विभिन्न तकनीकी नवाचारों, कृषि उत्पादकता में सुधार आदि का सुझाव दिया।

एक लोकप्रिय राष्ट्रीय व्यक्ति होने के नाते, 2002 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत डॉ ए.पी.जे. ने भारत के राष्ट्रपति पद के लिए अब्दुल कलाम ने आसानी से राष्ट्रपति चुनाव जीता।

अब्दुल कलाम (2002 से 2007) तक भारत के 11 वे राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत रहे थे।

10 Sentences About APJ Abdul Kalam in Hindi

भारत के राष्ट्रपति के रूप में एपीजे अब्दुल कलाम

  1. भारत के राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था।
  2. डॉ अब्दुल कलाम ने 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वह राष्ट्रपति भवन पर कब्जा करने वाले पहले वैज्ञानिक और पहले स्नातक थे।
  3. क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें लगभग 922,884 वोट मिले थे और उन्होंने लक्ष्मी सहगल को हराया था।
  4. के. आर. नारायणन के बाद वे भारत के 11 वें राष्ट्रपति बने।
  5. उन्होंने प्रतिष्ठित भारत रत्न प्राप्त किया और 1954 में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बाद सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने वाले तीसरे राष्ट्रपति बने।
  6. डॉ अब्दुल कलाम को जनवादी राष्ट्रपति के रूप में भी जाना जाता था।
  7. डॉ कलाम के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में उनके द्वारा लिया गया सबसे कठिन निर्णय ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के बिल पर हस्ताक्षर करने का था।
  8. अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान, वह भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के अपने दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध रहे।
  9. हालांकि, 21 में से 20 दया याचिकाओं के भाग्य का फैसला करने में उनकी अक्षमता के लिए उनकी आलोचना की गई, जिसमें कश्मीरी आतंकवादी अफजल गुरु भी शामिल था, जिन्हें दिसंबर 2001 में संसद हमलों के लिए दोषी ठहराया गया था।
  10. उन्होंने 2007 में फिर से राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और 25 जुलाई 2007 को राष्ट्रपति के रूप में पद छोड़ दिया।

APJ Abdul Kalam Essay in Hindi

पोस्ट प्रेसीडेंसी:

  • कार्यालय छोड़ने के बाद, डॉ अब्दुल कलाम ने अकादमिक क्षेत्र को चुना और भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग, भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद, भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर, भारतीय विज्ञान संस्थान के मानद साथी के रूप में विजिटिंग प्रोफेसर बने।
  • उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुवनन्तपुरम के चांसलर, अन्ना विश्वविद्यालय में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और भारत भर में कई अन्य शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में सहायक के रूप में भी कार्य किया। सूचना प्रौद्योगिकी, हैदराबाद के अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और अन्ना विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी द्वारा भी पढ़ाया गया था।
  • 2011 में, उन्होंने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अपने रुख को लेकर नागरिक समूहों द्वारा आलोचना की थी क्योंकि उन्होंने परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का समर्थन किया था और स्थानीय लोगों के साथ बात नहीं करने का आरोप लगाया था।
  • व्हाट कैन आई मूवमेंट एक कार्यक्रम है जिसे भारत के युवाओं के लिए डॉ अब्दुल कलाम ने भ्रष्टाचार को हराने के एक केंद्रीय विषय के साथ शुरू किया था।
एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु कब हुई?

27 जुलाई 2015 को, डॉ अब्दुल कलाम IIM शिलॉन्ग में एक व्याख्यान दे रहे थे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी स्थिति गंभीर हो गई, इसलिए, उन्हें बेथानी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां बाद में उनका निधन हो गया।

30 जुलाई, 2015 को पूर्व राष्ट्रपति के शव को राजकीय सम्मान के साथ रामेश्वरम के पेई करबु मैदान में आराम करने के लिए रखा गया था। क्या आप जानते हैं कि लगभग 350,000 लोग कलाम के अंतिम अनुष्ठान में शामिल हुए, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के राज्यपाल और कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल थे?

इन सभी बातों से आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि अब्दुल कलाम को भारत इतना पसंद क्यों करता था? भले ही आज वो हमारे बीच नहीं है लेकिन वो हमारे बीच हमेशा अमर रहेंगे।

इसके साथ इस लेख में मैं आपके साथ अब्दुल कलाम जी द्वारा उनके जीवन में किए गए अनुभव के अनुसार जो उन्होने अनमोल विचार दिये थे जिसे पढ़ कर आपको भी प्रेरणा मिलेगी, वो शेयर करूँगा तो आप चाहे तो अपने सोशल मीडिया के स्टोरी वाले ऑप्शन से या फिर अपने ऑफिस के ग्रुप में भेज सकते है।

अब्दुल कलाम जी द्वारा लिखे गए उन विचार को पढ़ कर आपको और आपके दोस्तों को काफी बेहतर लगेगा।

APJ Abdul Kalam Thoughts in Hindi and English

इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे। -एपीजे अब्दुल कलाम कोट्स

“You have to dream before the dream comes true.”
“The bird is powered by its own life and by its motivation.”

“One best book is equal to a hundred good friends, but one good friend is equal to a library.”

“We Should not give up and we should not allow the problem to defeat us.”

“All of us do not have equal talent. But, all of us have an equal opportunity to develop our talents.”

APJ Abdul Kalam Quotes in Hindi and English

शिक्षण एक बहुत ही महान पेशा है जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता, और भविष्य को आकार देता हैं। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा। -एपीजे अब्दुल कलाम विचार

“Thinking is the capital, an enterprise is away, and hard work is the solution.”

“Dream, Dream, Dream, Dream transform into thoughts and thoughts result in action.”

“The essence of a happy life and a peaceful society lies in one sentence – What can I Give?”

“Confidence and hard-work is the best medicine to kill the disease called failure. it will make you a successful person.”

“Life is a difficult game. You can win it only by retaining your birthright to be a person.”

“I am not a Handsome guy, but I can give my hand-to-some one who needs help. beauty is in the heart not in the face.”

आपके लिए⇓

इसी के साथ अब मैं इस लेख को यही पर समाप्त कर रहा हूँ, आपको इस लेख को पढ़ते समय एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी में सबसे प्रेरणादायक बात क्या लगी कमेंट के माध्यम से मुझे बताएं।

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आपका ज्ञान

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